आदर्श आचार संहिता के दौरान जिले में कोलाहल प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित.

 आदर्श आचार संहिता के दौरान जिले में कोलाहल प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित.


कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयंक चतुर्वेदी द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम आदेश जारी किया गया है.

दंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर के द्वारा प्रदेश में नगर पालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2025 की घोषणा करने के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में 20 जनवरी 2025 से नगर पालिका, नगर पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इस परिप्रेक्ष्य में दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिला एक आदिवासी बाहुल्य एवं नक्सली प्रभावित अतिसंवेदनशील जिला है और नगर पालिका, नगर पंचायतों में चुनाव संबंधी कार्यवाही पूर्णरूपेण शांतिपूर्ण एवं मतदाताओं को अपने मतों का प्रयोग बिना किसी डर-दबाव के निर्भयता पूर्वक करने के लिए लिए कानून एवं शांति व्यवस्था को बनाए रखना आवश्यक है।

 अतएव लोक शांति एवं लोक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छ.ग. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 5(2) एवं 10 (2) के साथ पठित भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयंक चतुर्वेदी, द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम आदेश जारी किया गया है इसके अनुसार संपूर्ण दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में आदेश जारी होने के दिनांक से चुनाव प्रक्रिया संपूर्ण होने तक की अवधि में अधिनियम की धारा 13 (1) में उल्लेखित अवसरों को छोड़कर अधिनियम की धारा 2क, ख, एवं ग के अंतर्गत परिभाषित कोलाहल एवं समस्त ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण समय (दिन,रात) के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। उक्त आदेश का उल्लंघन अधिनियम की धारा 15 के अधीन दंडनीय होगा। उपरोक्त अधिनियम की धारा 2घ की शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा 4 (7) के प्रयोजन के लिए उपयुक्त अवसरों पर सीमित अवधि के लिए अनुज्ञा देने हेतु जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार  अपने स्थानीय क्षेत्राधिकार अंतर्गत निहित अधिकारों की शक्तियों का प्रयोग करने हेतु सशक्त होगें।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.