*सन 2000 बैच के 12 वीं के विद्यार्थियों ने 25 वर्षो बाद एक मंच पर मिलकर किया मिलन समारोह का भव्य आयोजन .*
*सन 2000 बैच के दिवंगत गुरुजनों और सहपाठियों को मौन धारण व श्रद्धांजलि देकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया*
किरंदुल। लौह नगरी किरंदुल की मंगल भवन में शासकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय विद्यानगर किरंदुल के सन 2000 बैच के बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती मिलन समारोह का भव्य कार्यक्रम किया गया...
शासकीय स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा किया गया ऐसा अनूठा कार्यक्रम किरंदुल क्षेत्र में पहली बार हुआ है।
इस कार्यक्रम मे कुल 35 विद्यार्थियों के साथ साथ उनके परिवार वाले भी सम्मलित हुए ।
मिलन समारोह के कार्यक्रम हेतु छात्र छात्राएं दूर दूर से मंगल भवन किरंदुल में एकत्रित हुए
25 वर्ष बाद एक दूसरे से मिलने की खुशी देखते ही बन रही थी।
मिलन समारोह के इस कार्यक्रम में तत्कालीन समय में बारहवीं कक्षा में पढ़ाये गये सभी गुरुजनों को विशेष अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती की पूजा अर्चना से की गई इसके पश्चात दिवंगत गुरुजनों और सहपाठियों को श्रद्धांजलि स्वरूप मौन धारण करने के पश्चात छात्र छात्राओं द्वारा सभी गुरुजनो का पुष्प गुच्छो से स्वागत किया गया, सभी गुरुजनों को श्रीफल और शॉल भेंट दी गयी इसके उपरांत विद्यार्थियों द्वारा अपने गुरुजनों को स्मृति चिन्ह सप्रेम भेंट दिया गया।
मिलान समारोह के इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राओ ने 25 वर्ष पूर्व और वर्तमान समय का अनुभव एक दूसरे से साझा किया।
कार्यकम में अनुभव साझा करने के दौरान छात्र छात्राओ के आँखों से खुशी के आँसू झलक रहे थे।
छात्राओं के साथ साथ गुरुजनों के आंखे भी नम हो रही थी।
यह अत्यंत ही अविस्मरणीय पल रहा।
जहां इस कार्यक्रम की परिकल्पना छात्र राजेश कुमार बेहेरा ने की थी तो इसे पूर्ण करने के जिम्मेदारी धर्मेंद्र साहू, अभिक रॉय, पुलोक देवनाथ, सुरेश कश्यप छात्रों ने ली, जिसे बैलाडीला क्षेत्र में निवासरत छात्र आर. गणपति, सुखवीर सिंग, दक्षण ठाकुर, ठाकुर राम, बलराम ठाकुर, सुनील कुमार, ओम रावटे, मलीना, संतोषी, बबिता, आदि सभी विद्यार्थियों द्वारा मिलकर कार्य को साकार किया । सभी छात्र छात्राओं के लगन और सामूहिक प्रयास से मिलन समारोह कार्यक्रम का सफलता पूर्वक संचालन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान समय शिष्य और गुरु की बीच बढ़ती दूरी एवं विद्यार्थियों के बीच की दूरी और अपनेपन की सीख भावी पीढ़ी के विद्यार्थियों को मिले । बैलाडीला जैसे पिछड़े क्षेत्र में इस कार्यक्रम की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों द्वारा सराहना मिली साथ ही इस कार्यक्रम की सफलता की शुभकामनाएं बड़े बूढ़ों द्वारा दी गई ।
सभी छात्र छात्राओं के लगन और सामूहिक प्रयास से मिलन समारोह कार्यक्रम का सफलता पूर्वक संचालन किया गया।
पहली बार लौह नगरी किरंदुल में इस तरह का कार्यक्रम आयोजित हुआ है जिसके लिए गुरुजनों ने अपने सभी छात्र छात्राओं को अपना आर्शीवाद दिया और कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी को बधाई दी।
24और 25 मई दो दिवसीय कार्यक्रम में पहले दिन का कार्यक्रम किरंदूल के एन एम डी सी मंगल भवन में रखा गया और दूसरे दिन का कार्यक्रम माई जी दन्तेश्वरी के दर्शन कर बाहर से आए हुए विद्यार्थियों की विदाई स्थानीय विद्यार्थियों द्वारा की गई उस पल सभी के नयन भावविभोर होकर छलक पड़े। पुनः मिलने के संकल्प के साथ सभी विद्यार्थी अपने अपने गंतव्य स्थान की ओर चल पड़े।
