आज पूरा लौह नगरी किरंदुल जय माता दी की जयकारों से गूंज रहा।
आज माँ कालरात्रि की पूजा हैं एवं श्रद्धा और साहस से हर अंधकार पर विजय पाई जा सकती है : हेमप्रकाश वर्मा (पुरोहित)
किरंदुल । लौह नगरी किरंदुल में शारदीय नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर नगर में जगह जगह शक्ति देवी आदिशक्ति नवदुर्गा विराजी हुई हैं जो ग्राम पंचायत कोड़ेनार से प्रारम्भ होकर किरंदुल बंगाली कैंप, गजराज कैंप, रामपुर कैंप, मलप्पा कैंप, मेन मार्केट, बंगाली क्लब, डबल स्टोरी नेहरू कॉलोनी, टाइप थ्री, गाँधीनगर, रेल्वे कॉलोनी स्थित इंस्टिट्यूट में विराजमान जगत माता दुर्गा देवी माँ सरस्वती, महालक्ष्मी, श्री गणेश और भगवान कार्तिके के साथ विराजित होकर भक्तो को दर्शन दे रही हैं।
इस पावन अवसर पर देवी माता दुर्गा पंडालो में भक्तो के लिये विशेष रूप से प्रसाद की भी व्यवस्था किया जा रहा हैं कही खिचड़ी प्रसाद तो कही हलवा तो कही खट्टा चावल प्रसाद के रूप में भक्तो को बाँटा जा रहा हैं और भक्त भी काफ़ी बढ़ चढ़ कर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
टाईप थ्री स्थित माँ दुर्गा देवी पंडाल के मुख्य पुजारी हेमप्रकाश वर्मा ने बताया कि शास्त्रों-पुराणों के अनुसार आज देवी दुर्गा की सप्तमी रूप सातवें रूप कालरात्रि माई की पूजा अर्चना की जा रही है। नवरात्रि के सप्तम दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विशेष महत्व है। माँ दुर्गा का यह स्वरूप हमें सिखाता है कि श्रद्धा और साहस से हर अंधकार पर विजय पाई जा सकती है। माँ कालरात्रि से प्रार्थना है कि उनके आशीर्वाद से हर नकारात्मक शक्ति का नाश हो और समाज में शांति, समरसता और नई ऊर्जा का संचार हो।
