नई दिल्ली से CISF ‘वंदे मातरम्’ तटीय साइक्लोथॉन–2026 का वर्चुअल शुभारंभ
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की प्रमुख राष्ट्रीय जनसंपर्क एवं जन-जागरूकता पहल ‘वंदे मातरम् तटीय साइक्लोथॉन–2026’ का वर्चुअल शुभारंभ 29 जनवरी 2026 को प्रातः 07:30 बजे मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम, नई दिल्ली से किया गया। कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर के साथ ही 25 दिनों तक चलने वाले इस व्यापक राष्ट्रीय अभियान की औपचारिक शुरुआत हुई। CISF की दो साइक्लिंग टीमें एक साथ बक्कखाली (पश्चिम बंगाल) और लखपत (गुजरात) से रवाना हुईं। ये टीमें देश के पूर्वी एवं पश्चिमी तटों के लगभग 6,500 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 9 तटीय राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरेंगी तथा 22 फरवरी 2026 को कोच्चि में इसका समापन होगा।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति एवं अंतर-एजेंसी सहयोग
शुभारंभ समारोह में अनेक विशिष्ट गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें पल्लवी जैन गोविल (सचिव, युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय), शत्रुजीत कपूर (महानिदेशक, ITBP), प्रवीर रंजन (महानिदेशक, CISF), राकेश अग्रवाल (महानिदेशक, NIA), गौरव द्विवेदी (CEO, प्रसार भारती) तथा संजय सिंघल (महानिदेशक, SSB) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
इन सभी गणमान्य अतिथियों ने इंडिया गेट के समीप आयोजित एक संक्षिप्त साइकिल रैली में भी भाग लिया और साइक्लोथॉन को प्रतीकात्मक समर्थन प्रदान किया। उनकी उपस्थिति ने विभिन्न मंत्रालयों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सशक्त समन्वय को दर्शाते हुए इस पहल के राष्ट्रीय महत्व, एकजुटता और साझा संकल्प का सशक्त संदेश दिया।
गृह राज्य मंत्री का संदेश
तटीय साइक्लोथॉन के दूसरे संस्करण के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह आयोजन ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् वह अमर गीत है जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को दिशा दी और आज भी पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि तटीय सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए नागरिकों, विशेषकर तटीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि CISF को International Ship and Port Facility Security (ISPS) Code के अंतर्गत ‘Recognized Security Organization (RSO)’ का दर्जा प्राप्त हुआ है, जो देश की समुद्री एवं पत्तन सुरक्षा व्यवस्था में CISF की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सागर क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ के विजन तथा ‘सुरक्षित तट, समृद्ध भारत’ की अवधारणा के अनुरूप है।
देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण
इस अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन और CISF बैंड द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति धुनों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रगौरव और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत कर दिया।
महानिदेशक, CISF का संबोधन
महानिदेशक, CISF ने अपने संबोधन में कहा कि ‘वंदे मातरम् तटीय साइक्लोथॉन–2026’, वंदे मातरम् के 150 वर्षों के ऐतिहासिक स्मरणोत्सव का एक महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् राष्ट्रीय एकता, बलिदान और सामूहिक संकल्प का प्रतीक है और यह साइक्लोथॉन उसी भावना को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक रूप में साकार करता है, जिससे नागरिकों को देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में सहभागी बनाया जा सके।
साइक्लोथॉन के उद्देश्य
इस राष्ट्रीय पहल के प्रमुख उद्देश्य हैं:
तटीय समुदायों को ड्रग्स, हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी जैसे खतरों के प्रति जागरूक करना
तटीय समुदायों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच साझेदारी को सुदृढ़ करना
स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और सुरक्षा कर्मियों के बलिदान को सम्मान देना
भारत की समृद्ध समुद्री विरासत, परंपराओं और तटीय भूगोल का उत्सव मनाना
युवाओं एवं तटीय समुदायों में फिटनेस, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना
यह पहल मछुआरों सहित तटीय समुदायों की भूमिका को देश के ‘तट प्रहरी’ के रूप में विशेष रूप से रेखांकित करती है।
सामुदायिक सहभागिता एवं ग्राम दत्तक कार्यक्रम
इस संस्करण में सामुदायिक सहभागिता एक प्रमुख स्तंभ है। साइक्लोथॉन यात्रा के दौरान 52 तटीय गांवों में रुकेगी, जिन्हें CISF द्वारा एक वर्ष के लिए अपनाया जाएगा।
ONGC, पत्तन प्राधिकरणों और अन्य एजेंसियों के सहयोग से स्थानीय CISF इकाइयाँ CSR के अंतर्गत सामुदायिक कल्याण एवं बुनियादी ढांचे से जुड़ी गतिविधियाँ संचालित करेंगी। देश के तटीय क्षेत्रों में स्थित 47 CISF इकाइयों के माध्यम से इन गांवों के साथ दीर्घकालिक संपर्क सुनिश्चित किया जाएगा।
युवा सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण
युवा सहभागिता, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता इस साइक्लोथॉन के प्रमुख केंद्र बिंदु हैं। उल्लेखनीय है कि इस अभियान में भाग लेने वाले साइकिल चालकों में 50 प्रतिशत महिलाएँ हैं, जो राष्ट्रीय सेवा अभियानों में लैंगिक समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यात्रा के दौरान भर्ती जागरूकता कार्यक्रम, खेल गतिविधियाँ, युवा संवाद, स्वच्छ भारत अभियान, वृक्षारोपण, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा नशा एवं मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे।
प्रमुख आयोजन एवं राष्ट्रीय दृष्टिकोण
साइक्लोथॉन के दौरान मुंबई, गोवा, मंगलुरु, कोणार्क, विशाखापत्तनम और चेन्नई में प्रमुख जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें खेल, संस्कृति और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियाँ भाग लेंगी। इसका भव्य समापन कोच्चि में होगा।
यह पहल विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य तटीय क्षेत्रों को सशक्त बनाना और एक सतर्क, स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक समाज का निर्माण करना है।
मीडिया के प्रति आभार एवं नागरिक सहभागिता का आह्वान
CISF इस शुभारंभ समारोह में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करती है और इस 25-दिवसीय राष्ट्रीय अभियान को व्यापक एवं जिम्मेदार कवरेज प्रदान करने हेतु उनके सहयोग की अपेक्षा करती है।
CISF देश के नागरिकों, सहयोगी एजेंसियों, सिविल प्रशासन तथा विशेष रूप से युवाओं से आह्वान करती है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करें। नागरिक CISF की आधिकारिक वेबसाइट www.cisf.gov.in पर पंजीकरण कर सकते हैं और CISF के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से साइक्लोथॉन की दैनिक गतिविधियों से जुड़ सकते हैं।
