12वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. दिव्या देशमुख ‘उन्मुखी’ ने किया शोध पत्र प्रस्तुत।
जनजातीय विकास में CSR की भूमिका पर शोध को मिली अंतर्राष्ट्रीय सराहना।
इंदौर/दंतेवाड़ा । विशिष्ट स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट, इंदौर द्वारा 13 दिसंबर 2025 को आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में किरंदुल की प्रख्यात शिक्षाविद एवं शोधकर्ता डॉ. दिव्या देशमुख ‘उन्मुखी’ ने सफलतापूर्वक सहभागिता करते हुए अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। यह सम्मेलन “Sustainable Global Business Practices and Inclusive Growth” विषय पर केंद्रित रहा।
इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, यूनिवर्सिटी ऑफ़ त्रुनोजोयो मदुरा (इंडोनेशिया) तथा सबरगमुवा यूनिवर्सिटी (श्रीलंका) सहित अनेक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों ने भाग लिया।
डॉ. दिव्या देशमुख ‘उन्मुखी’ ने इस अवसर पर “Role of CSR in Tribal Community Development in India” विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। उनके शोध में भारत में जनजातीय समुदायों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की भूमिका का गहन विश्लेषण किया गया। यह शोध सतत विकास एवं समावेशी वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।
यह शोध कार्य उन्होंने अपने शोध गुरु डॉ. रचना निगम तथा साहित्यिक गुरु डॉ. विनय पाठक के मार्गदर्शन में पूर्ण किया। उनके मार्गदर्शन और सहयोग से यह प्रस्तुति अत्यंत प्रभावशाली रही, जिसे सम्मेलन में उपस्थित देश-विदेश के शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं ने सराहा।
डॉ. दिव्या देशमुख ‘उन्मुखी’ की यह उपलब्धि न केवल उनकी अकादमिक उत्कृष्टता को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय शोध, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जनजातीय सरोकारों को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
