पिछले 35 वर्षों से होते आ रही श्री बद्रीनाथ श्री आदिनाथ शिव मंदिर में पूजा अर्चना, शेड निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों के आश्वासन से बढ़ी मोहल्लेवासियों में नाराजगी।
किरंदुल। किरंदुल नगर के धरमपुर कैंप वार्ड क्रमांक 4 स्थित प्राचीन बद्रीनाथ–आदिनाथ शिव मंदिर आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उपेक्षित बना हुआ है। बीते लगभग 35 वर्षों से यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती आ रही है और स्थानीय श्रद्धालुओं की गहरी आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है।
इसके बावजूद मंदिर परिसर में अब तक शेड का निर्माण नहीं हो सका है, जिससे श्रद्धालुओं को हर मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्तों का आवागमन बना रहता है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है। लेकिन गर्मी के मौसम में चिलचिलाती धूप के कारण यहां ठहरना मुश्किल हो जाता है। तेज धूप में खड़े होकर पूजा करने को मजबूर भक्तों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से मंदिर में शेड निर्माण की मांग की है। हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। इससे मोहल्ले वासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
लोगों का सवाल है कि जब वर्षों से यह मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है और यहां नियमित पूजा होती है, तो आखिर शेड निर्माण जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने में इतनी देरी क्यों हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द इस दिशा में पहल करने की मांग की है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो भगवान को भी अब इस शेड के निर्माण का इंतजार करना पड़ रहा है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह जनभावनाओं की अनदेखी मानी जाएगी।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कब तक संज्ञान में लेते हैं और मंदिर में शेड निर्माण का कार्य कब शुरू होता है।
