बस्तर मुन्ने अभियान के आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण करें,
पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे योजनाओं का लाभ : कलेक्टर देवेश ध्रुव
समय-सीमा बैठक में विकास योजनाओं की गहन समीक्षा, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
दंतेवाड़ा। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने संयुक्त कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में शासन की महत्वाकांक्षी ‘बस्तर मुन्ने (अग्रणी बस्तर)’ अभियान की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के तहत प्राप्त प्रत्येक आवेदन का प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बस्तर के समग्र विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है ‘बस्तर मुन्ने’ अभियान
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बस्तर मुन्ने अभियान बस्तर संभाग के समग्र एवं समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग तथा सतत अनुश्रवण के माध्यम से अभियान के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, राजस्व प्रकरण और स्वास्थ्य योजनाओं की हुई समीक्षा
समय-सीमा बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदन, लंबित राजस्व प्रकरण, स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण करते हुए शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से आम नागरिकों तक पहुंचाया जाए।
न्यायालयीन मामलों से लेकर वन अधिकार पत्र तक पर विशेष फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणाओं एवं निर्देशों के पालन, मानवाधिकार आयोग, उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र (एफआरए), फौती नामांतरण तथा लंबित भूमि आबंटन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पर्यटन, आधारभूत सुविधाओं और पंचायत विकास कार्यों की प्रगति पर नजर
कलेक्टर ने बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों, देयक भुगतान, जेम पोर्टल पर निविदा सत्यापन, सीपी ग्राम्स, मुख्यमंत्री जनदर्शन, सचिवालय, पीजीएन, ई-समाधान, कलेक्टर जनदर्शन एवं संपर्क पोर्टल से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा की। साथ ही बाढ़ आपदा की तैयारियों एवं अन्य विभागीय योजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया।
बैठक में बारसूर, ढोलकल और कुम्हाररास के पर्यटन विकास कार्यों, जिला अस्पताल के अपशिष्ट जल प्रबंधन, शासकीय भवनों की मरम्मत, मिनी स्टेडियम एवं स्पोर्ट्स सिटी में प्रकाश व्यवस्था, पालनार लाइब्रेरी निर्माण तथा कुआकोंडा में खेल मैदान के लिए स्थल चयन की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
गुणवत्ता, प्रशिक्षण और प्रशासनिक सुधारों पर दिए विशेष निर्देश
बैठक के दौरान ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 (सेवा सेतु), हल्बा एवं तेलगा जाति त्रुटि सुधार, रेडी-टू-ईट यूनिट की गुणवत्ता जांच, पंचायतों के ऑडिट, आरजीसीई कार्यक्रम के तहत पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण तथा ग्राम क्लस्टर बनाकर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिला स्तरीय अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
